Spiritual: जानिए कन्या पूजन की तारीख और पूजन मुहूर्त

शास्त्रों की मानें तो नवरात्रि (Navratri) के नौ दिन पूरे होने पर ही कन्या पूजन (girl worship) करना उचित होता है। जिसके बाद ही भक्तों को अपने व्रत का पारण करना चाहिए। लेकिन जो लोग अष्टमी पर अपनी कुलदेवी का पूजन करते हैं वह

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Kalyani Mandal
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स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूज़: शास्त्रों की मानें तो नवरात्रि (Navratri) के नौ दिन पूरे होने पर ही कन्या पूजन (girl worship) करना उचित होता है। जिसके बाद ही भक्तों को अपने व्रत का पारण करना चाहिए। लेकिन जो लोग अष्टमी पर अपनी कुलदेवी का पूजन करते हैं वह महाष्टमी पर कन्या पूजन कर सकते हैं। नवरात्रि में अष्टमी नवमी दोनों दिनों को विशेष माना जाता है।

कन्या पूजन का मुहूर्त- पंचांग के अनुसार अश्विन शुक्ल पक्ष की महाष्टमी (Mahashtami) 21 अक्टूबर को रात 9 बजकर 53 मिनट से आरंभ हो रही है जिसका समापन 22 अक्टूबर को रात 7 बजकर 58 मिनट पर हो जाएगा। वही कन्या पूजन के लिए सुबह 7 बजकर 51 मनट से सुबह 10 बजकर 41 मिनट तक का समय है इसके अलावा दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 2 बजकर 55 मिनट तक का समय शुभ रहेगा। 

नवमी(Navami) ​तिथि पर कन्या पूजन के लिए सुबह 6 बजकर 27 मिनट से सुबह 7 बजकर 51 मिनट तक का समय शुभ है इसके अलावा दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से दोपहर 2 बजकर 55 मिनट तक कन्या पूजन किया जा सकता है।