अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2024

इस साल 21 फरवरी को सुना जाएगा 'एकुशेर जयगान'
हर साल 21 फरवरी की सुबह की शुरुआत इसी गाने से होती है क्योंकि वह दिन बंगाली भाषा का ख़ास दिन है, बंगाली भाषा को जीवित रखने के संघर्ष का दिन है।