दिमाँगी रोगों से बचने का हल हैं ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी

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दिमाँगी रोगों से बचने का हल हैं ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी

स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूज़: रोजाना के काम का बोझ, बच्चों की टेंशन, भविष्य से जुड़ी चिंताएं और बहुत सारी घटनाएं इंसान के मस्तिष्क पर गहरा असर डालती है। ये परिस्थितियां कई बार लोगों की भावनाओं को भी चोट पहुंचाते हैं। जब कोई भी घटना हमारे अनुकूल नहीं होती हैं तो हम अक्सर चिंता में डूबने लगते हैं, जो आगे चलकर गंभीर मानसिक रोगों का कारण बनते हैं। इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी भावनाओं पर कंट्रोल रखें और कुछ ऐसी गतिविधियों में सम्मिस्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूज़: रोजाना के काम का बोझ, बच्चों की टेंशन, भविष्य से जुड़ी चिंताएं और बहुत सारी घटनाएं इंसान के मस्तिष्क पर गहरा असर डालती है।ये परिस्थितियां कई बार लोगों की भावनाओं को भी चोट पहुंचाते हैं।जब कोई भी घटना हमारे अनुकूल नहीं होती हैं तो हम अक्सर चिंता में डूबने लगते हैं, जो आगे चलकर गंभीर मानसिक रोगों का कारण बनते हैं। इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी भावनाओं पर कंट्रोल रखें और कुछ ऐसी गतिविधियों में सम्मिलित हो जिससे विपरीत परिस्थितियों का असर हमारे मस्तिष्क पर ना पड़े। इसके लिए हम ध्यान, प्राणायाम, योग और एक्सरसाइज के साथ अपनी मनपसंद गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं। इसके साथ ही हमें अपने खानपान में वि धेयान रखना चाहिए, क्योंकि अस्वस्थ कर भोजन हमारी मानसिक अशांति को बढ़ावा देते हैं। इसके अलावा आयुर्वेद ने हमें कुछ जड़ी-बूटियों का वरदान दिया है जो हमें दिमागी रोगों से बचाने में हमारी मदद करते हैं। यहां हम आपको ऐसी 5 जड़ी बूटियों के बारे में बता रहे हैं जिनका सेवन आप किसी आयुर्वेदाचार्य के दिशा निर्देशों के तहत कर सकते हैं। जैसे की - ब्राम्ही, अश्वगंधा, भृंगराज, जटामासी, वच अदि।